Sunday, July 23, 2017
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सैप इंडिया के साथ MSME मंत्रालय के समझौते से होगा उद्योगों का डिजिटलीकरण, जानिए प्रोग्राम की ख़ास बातें!


अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस के दिन एमएसएमई मंत्रालय ने सेक्टर के डिजिटलीकरण के उद्देश्य से सैप इंडिया (एसएपी-SAP India) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। साइन हुए समझौता ज्ञापन के तहत मिनिस्ट्री ने भारत ईआरपी प्रोग्राम को शुरू किया है। इस प्रोग्राम के तहत डिजिटल एमएसएमई इकाईयों का निर्माण किया जाएगा। अनुमान है कि इस…


अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस के दिन एमएसएमई मंत्रालय ने सेक्टर के डिजिटलीकरण के उद्देश्य से सैप इंडिया (एसएपी-SAP India) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

साइन हुए समझौता ज्ञापन के तहत मिनिस्ट्री ने भारत ईआरपी प्रोग्राम को शुरू किया है। इस प्रोग्राम के तहत डिजिटल एमएसएमई इकाईयों का निर्माण किया जाएगा। अनुमान है कि इस पहल से लगभग 30 हजार एमएसएमई और युवाओं को डिजिटलीकरण से जोड़ा जाएगा।

ज्ञापन को एमएसएमई मिनिस्टर कलराज मिश्र की उपस्थिति में साइन किया गया है।

मेमोरेंडम के तहत सैप इंडिया और एमएसएमई मंत्रालय एमएसएमई को व्यापारिक गतिविधियों और नवीनीकरण के योग्य बनाने का कार्य करेंगे। जिसके तहत 30 हजार एमएसएमई और युवाओं को आगामी तीन सालों में डिजिटल बनाया जाएगा।

भारत ईआरपी निम्नलिखित घटकों से मिलकर शिक्षा और सक्षमता दृष्टिकोण के माध्यम से एमएसएमई के लिए कार्य करेगा।

सैप ‘ट्रेन द ट्रेनर’ पद्धति के तहत एमएसएमई मंत्रालय द्वारा पहचाने गए योग्य प्रशिक्षकों को सॉफ्टवेयर और प्रशिक्षण पाठ्यक्रम प्रदान करेगा।

कंपनी टेक्नोलॅाजी सेंटर्स के माध्यम से एमएसएमई और युवाओं को ट्रेनिंग देगी। यह टेक्नोलॅाजी सेंटर्स एमएसएमई के अधीन कार्य करेंगे।

कोर्स समाप्ति के बाद सैप और एमएसएमई मंत्रालय उम्मीदवारों को एक संयुक्त प्रमाणपत्र देंगे। जो उनकी रोजगार क्षमता में विकास करने के साथ – साथ उनको संबधित भर्ती में सहायता करेगा।

इस प्रोग्राम के तहत एमएसएमई एसएपी के प्रौद्योगिकी तंत्र से जुड़ सकेंगे। जो कि एक व्यवसाय सॉफ्टवेयर के साथ-साथ वित्तीय, बिक्री, इन्वेंट्री और अधिक महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में एमएसएमई की मदद करेगा।

डाटाक्वेस्ट के अनुसार सैप इंडिया के प्रेसिडेंट और मेनेजिंग डायरेक्टर देबदीप सेनगुप्ता ने कहा कि एमएसएमई सेक्टर का देश की जीडीपी में 38 फ़ीसदी योगदान है। उन्होंने कहा कि यह सेक्टर 120 मिलियन नौकरियां पैदा करता है और भारत की अर्थव्यवस्था की ग्रोथ में वृद्धि करता है।

उन्होंने बताया कि इस प्रोग्राम के तहत हमारा उद्देश्य स्माल इंडस्ट्री को डिजिटल टेक्नोलॉजी आसानी से उपलब्ध करना है।

सैप बिज़नेस वन के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और जनरल मैनेजर लुईस मारगिया ने कहा कि एसएपी द्वारा पेश की गयी हालिया रिपोर्ट के अनुसार, “दुनिया भर में एसएमई जो डिजिटल टेक्नोलॅाजी को गले लगा चुके हैं।  उन कंपनियों की तुलना में तेजी से बढ़ रहे हैं जो डिजिटल दुनिया से नहीं जुड़ी हैं।”

उन्होंने कहा कि भारत एक अधिक मजबूत कारोबारी माहौल तैयार करने की दिशा में अग्रसर है। इससे एमएसएमई को एक डिजिटल मंच और कौशल विकसित करने में मदद मिलेगी और वे बड़े पैमाने पर लाभ उठा सकेंगे।

Shriddha Chaturvedi
ख़बरें ही मेरी दुनिया हैं, हाँ मैं पत्रकार हूँ
http://www.SMEpost.com

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