Saturday, September 23, 2017
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UN सहित पूरी दुनिया ने मनाया इंटरनेशनल MSME डे, छोटे उद्योग-बड़ा प्रभाव का दिया गया नारा


किसी भी देश की अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में उसके एमएसएमई सेक्टर का योगदान अहम होता है। एमएसएमई सेक्टर की इसी उपयोगिता को समझते हुए संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) ने इसी साल अप्रैल में अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस के रूप में  27 जून का चुनाव किया था। 193 सदश्य देशों वाली संस्था यूएन ने तब कहा था…


किसी भी देश की अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में उसके एमएसएमई सेक्टर का योगदान अहम होता है। एमएसएमई सेक्टर की इसी उपयोगिता को समझते हुए संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) ने इसी साल अप्रैल में अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस के रूप में  27 जून का चुनाव किया था।

193 सदश्य देशों वाली संस्था यूएन ने तब कहा था कि हमें एमएसएमई के योगदान के बारे में सबको बताना है और समेकित विकास के लिए एमएसएमई का विकास आवश्यक है।

आज सयुंक्त राष्ट्र संघ सहित पूरी दुनिया में पहला एमएसएमई दिवस मनाया गया।

सयुंक्त राष्ट्र संघ की आर्थिक शाखा यूएन कांफ्रेंस ऑन ट्रेड एंड डेवलपमेंट (UNCTAD) ने इंटरनेशनल एमएसएमई डे मनाते हुए कहा कि पूरी दुनिया की 50 फ़ीसदी जीडीपी एमएसएमई सेक्टर से आती है। वहीँ पूरी दुनिया में 70 फ़ीसदी रोजगार भी एमएसएमई सेक्टर से प्राप्त होता है। जबकि विश्व के सर्विस निर्यात में इस सेक्टर का योगदान 60 परसेंट है।

आर्थिक शाखा ने नारा देते हुए कहा – छोटे उद्योग, बड़ा प्रभाव (स्माल बिज़नेस, बिग इम्पैक्ट)। यूएन के अनुसार पूरी दुनिया में लगभग 50 करोड़ MSME इकाइयाँ हैं।

इस अवसर पर यूएन कांफ्रेंस ऑन ट्रेड एंड डेवलपमेंट के सेक्रेटरी जनरल मुखीसा कितुयी ने कहा कि एमएसएमई के एक सतत विकास के लिए हमें चुनौतियों का सामना करते हुए व्यापक सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने कहा आज का दिन हमारे लिए महत्वपूर्ण है और हमें एमएसएमई से अपने सहयोग को नए सिरे से बनाना है।

उन्होंने आगे कहा कि सयुंक्त राष्ट्र के 2030 के समावेशी विकास के एजेंडा को प्राप्त करने में एमएसएमई इकाइयाँ प्रमुख रोल निभा सकती हैं।

सयुंक्त राष्ट्र के डायरेक्टर जनरल माइकल मोलर ने इस अवसर पर कहा कि अगर हमें वैश्विक स्तर पर अपने बनाये गोल को प्राप्त करना है तो एमएसएमई सेक्टर सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। क्योंकि यह सेक्टर उन लोगों को भी रोजगार देता है जो कम पढ़े लिखे हैं और तकनीकी तौर पर कम जानकार हैं। उन्होंने कहा कि अगर हम सबको साथ लेकर चलना चाहते हैं तो इस सेक्टर पर सबसे ज्यादा ध्यान देना होगा।

संयुक्त राष्ट्र और वर्ल्ड ट्रेड आर्गेनाइजेशन की जॉइंट ट्रेड एजेंसी इंटरनेशनल ट्रेड सेंटर (आईटीसी-ITC) ने भी इस अवसर को मनाते हुए कहा कि भारत से लेकर जर्मनी और रवांडा तक सबसे अधिक नौकरियां सृजित करने में एमएसएमई सेक्टर सबसे आगे है।

आईटीसी ने इस सेक्टर को महिलाओं के लिए भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि पूरी दुनिया की एमएसएमई इकाइयों में से 34 फ़ीसदी इकाइयों पर महिलाओं का कब्ज़ा है।

इस अवसर पर इंटरनेशनल लेबर आर्गेनाइजेशन के डायरेक्टर जनरल गाय रीडर ने कहा कि पूरी दुनिया में नौकरियों को पैदा करने का इंजन एमएसएमई सेक्टर ही है। इसीलिए यह आवश्यक है कि इनको प्रमोट किया जाए और क्रेडिट उपलब्ध कराया जाए।

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