Wednesday, August 23, 2017
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स्टार्टअप को टैक्स बेनिफिट मिलना अब भी नहीं आसान, मोदी सरकार के लिए बड़ा चैलेंज


मोदी सरकार के स्टार्टअप इंडिया प्रोग्राम को लांच हुए डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी स्टार्टअप के लिए टैक्स बेनिफिट लेना आसान नहीं हो पाया है। करीब हर अंतरमंत्रालीय बोर्ड की मीटिंग में ज्यादातर टैक्स छूट के अप्लीकेशन रिजेक्ट हो रहे हैं। जून में हुई 10 बोर्ड मीटिंग में भी 72 में से 62…


मोदी सरकार के स्टार्टअप इंडिया प्रोग्राम को लांच हुए डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी स्टार्टअप के लिए टैक्स बेनिफिट लेना आसान नहीं हो पाया है। करीब हर अंतरमंत्रालीय बोर्ड की मीटिंग में ज्यादातर टैक्स छूट के अप्लीकेशन रिजेक्ट हो रहे हैं। जून में हुई 10 बोर्ड मीटिंग में भी 72 में से 62 अप्लीकेशन रिजेक्ट किए गए हैं।

ऐसे में मोदी सरकार के लिए यह एक बड़ा चैलेंज खड़ा हो रहा है। खास तौर पर तब जब सरकार देश में स्टार्टअप को प्रमोट करने के लिए ज्यादा से ज्यादा कारोबारियों को टैक्स बेनिफिट सहित दूसरी सुविधाएं देना चाहती है।

डेढ़ साल में क्या रहा है हाल

डीआईपीपी से मिली जानकारी के अनुसार जनवरी 2016 में स्टार्टअप लांच होने के बाद अंतर मंत्रालीय बोर्ड की 10 मीटिंग हो चुकी हैं। इसमें सें अप्रैल 2016 तक केवल 10 स्टार्टअप को टैक्स बेनिफिट का लाभ मिला था। जबकि उसके बाद हुई मीटिंग में करीब 10 स्टार्टअप को ही टैक्स बेनिफिट का फायदा मिल पाया है।

क्यों हो रिजेक्ट हो रहे हैं अप्लीकेशन

डीआईपीपी के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 7वीं और 8 वीं मीटिंग में 34 अप्लीकेशन पर टैक्स बेनिफिट देने के लिए विचार किया गया था। हालांकि उनके डॉक्युमेंटेशन में कुछ कमियां थी। इसे देखते हुए उनसे उन्हें दूर करने की बात कही गई थी। जो कि 10 मीटिंग तक पूरी नहीं हो पाई। जिसकी वजह से केवल 10 लोग ही टैक्स बेनिफिट ले पाए। अधिकारी के अनुसार अभी स्टार्टअप पूरी तरह से डॉक्युमेंटेशन नहीं कर पा रहे हैं। लेकिन हमारी कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को मौका मिले। जिसके लिए उन्हें जागरूक भी किया जा रहा है। इसके अलावा नियमों में ढील दी गई है।

टैक्स बेनेफिट का बढ़ाया दायरा

सरकार ने बजट 2017-18 में स्टार्टअप्स के लिए टैक्स छूट का दायारा बढ़ा दिया था। अब पहले 7 साल के कारोबारी ऑपरेशन में से तीन साल तक टैक्स छूट का फायदा स्टार्टअप उठा सकते हैं। इससे पहले यह समय सीमा 5 साल में से 3 साल की थी। इस कदम से कारोबारियों को अपने वेंचर को प्रॉफिट में लाने के लिए ज्यादा वक्त मिलेगा। इसका दूसरा फायदा कारोबारियों की कॉस्ट में बचत का भी होगा। जो पैसा वह टैक्स देने में बचाएंगे वह उस पैसा का इस्तेमाल अपनी कंपनी के एक्सपैंशन में लगा सकते हैं।

Source: Money.Bhaskar.com

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