Sunday, July 23, 2017
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स्टील उत्पादन का दुनिया में अग्रणी देश भारत आयात को रोकने के लिए उठाएगा कदम


भारत के स्टील कारोबारी चीन से स्टील आयात करते हैं। सरकार चाहती है कि चीन से आने वाले स्टील को रोका जाए ताकि निजी क्षेत्र में काम करने वाले उद्योगों को फायदा हो। चीन की सालाना स्टील उत्पादन क्षमता 110 करोड़ टन है। वहीं भारत की स्टील उत्पादन क्षमता 16 लाख टन है। लेकिन अब…


भारत के स्टील कारोबारी चीन से स्टील आयात करते हैं। सरकार चाहती है कि चीन से आने वाले स्टील को रोका जाए ताकि निजी क्षेत्र में काम करने वाले उद्योगों को फायदा हो। चीन की सालाना स्टील उत्पादन क्षमता 110 करोड़ टन है। वहीं भारत की स्टील उत्पादन क्षमता 16 लाख टन है।

लेकिन अब केंद्र सरकार चीन से आयात हो रहे स्टील को रोकने के लिए कदम उठा रही है। मनी भास्कर की एक ख़बर के अनुसार चीन से आयात हो रहे स्टील पर सरकार स्टील प्रोडक्ट पर 18.95 प्रतिशत काउंटरवेलिंग ड्यूटी लगाने जा रही है। हालांकि काउंटरवेलिंग ड्यूटी को शुरुआत में कुछ ही स्टील उत्पादों पर लगाया जाएगा।

कॉमर्स मिनिस्ट्री के अंतर्गत कार्यरत डायरेक्टरेट जनरल ऑफ एंटी डंपिंग एंड एलायड ड्यूटीज (डीजीएफटी) का कहना है कि चीन से सस्ता स्टील इंपोर्ट होता है जिसका अप्रत्यक्ष प्रभाव भारतीय स्टील कारोबार पर पड़ता है, जिसे रोकने के लिए यह किया जा रहा है।

गौरतलब है कि इस समय देश के सकल घरेलू उत्पाद में इस्पात उद्योग का दो प्रतिशत हिस्सा है जिसे बढ़ाने के लिए कार्य किये जा रहे हैं। भारत विश्व में में चीन और जापान के साथ स्टील उत्पादन में अग्रणी देश है।

सरकार ने घरेलू स्टील इंडस्ट्री को बचाने के लिए 341 से 752 डॉलर प्रति टन एमआईपी और चीन,  अमेरिका, साउथ अफ्रीका थाइलैंड और ताइवान से आने वाले स्टील पर 4.6  से 57.4 पर्सेंट तक एंटी डंपिंग ड्यूटी लगाई है। ताकि देश के स्टील कारोबार को नुकसान ना हो।

केंद्र सरकार ने हाल ही में बीआईएस स्टैंडर्ड पर खरे स्टील के इस्तेमाल का आदेश भी दिया है। यह नियम 9 फरवरी 2017 से लागू है।

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